Month: August 2020

गलती

क्या वास्तव में हम कोई गलती तो नहीं कर रहे हैं…..?

गलती पुत्र अमेरिका में जॉब करता है।उसके माँ बाप गाँव में रहते हैं।बुजुर्ग हैं, बीमार हैं, लाचार हैं। Here at Manifestation Magic>> पुत्र कुछ सहायता करने की बजाय पिता जी को एक पत्र लिखता है। कृपया ध्यान से पढ़ें और विचार करें कि किसको क्या लिखना चाहिए था ?पुत्र का पत्र पिता के नाम (गलती) …

क्या वास्तव में हम कोई गलती तो नहीं कर रहे हैं…..? Read More »

Thoughts

कैसे बदलें Negative Thoughts को Positive Thoughts में

Thoughts हम जो भी सोचते हैं उसे अपने जीवन में आकर्षित करते हैं, फिर चाहे वो चीज अच्छी हो या बुरी। उदाहरण के लिए: अगर कोई सोचता है कि वो हमेशा परेशान रहता है, बीमार रहता है और उसके पास पैसों कि कमी रहती है तो असल जिंदगी में भी ब्रह्माण्ड घटनाओं को कुछ ऐसे …

कैसे बदलें Negative Thoughts को Positive Thoughts में Read More »

समझ

हम लोगो को समझते कम हैं और judge ज्यादा करते हैं!

समझ एक प्रोफेसर अपनी क्लास में कहानी सुना रहे थे: एक बार समुद्र के बीच में एक बड़े जहाज पर बड़ी दुर्घटना हो गयी. कप्तान ने शिप खाली करने का आदेश दिया. जहाज पर एक युवा दम्पति थे. जब लाइफबोट पर चढ़ने का उनका नम्बर आया तो देखा गया नाव पर केवल एक व्यक्ति के …

हम लोगो को समझते कम हैं और judge ज्यादा करते हैं! Read More »

सही-गलत

दूसरों को सही-गलत साबित करने में जल्दबाजी न करें

सही-गलत 24 वर्षीय पुत्र खिड़की से बाहर देख रहा था, अचानक वो चिल्लाया – पापा देखो पेड़ पीछे की ओर भाग रहे हैं !पिता कुछ बोला नहीं, बस सुनकर मुस्कुरा दिया. ये देखकर बगल में बैठे एक युवा दम्पति को अजीब लगा और उस लड़के के बचकाने व्यवहार पर दया भी आई. (सही-गलत) तब तक …

दूसरों को सही-गलत साबित करने में जल्दबाजी न करें Read More »

मुक्ति

हम चिल्लाते रहते हैं मुक्ति चाहिए, और हम उन्हीं बंधनों की पूजा भी करते रहते हैं!

मुक्ति एक सराय में अतिथि पहुंचा। सराय में पहुंचते ही उसे एक बड़ी मार्मिक और दुख भरी आवाज सुनाई पड़ी। पता नहीं कौन चिल्ला रहा था? पहाड़ की सारी घाटियां उस आवाज से…लग गई थीं। कोई बहुत जोर से चिल्ला रहा था–स्वतंत्रता, स्वतंत्रता, स्वतंत्रता।वह अतिथि सोचता हुआ आया, किन प्राणों से यह आवाज उठ रही …

हम चिल्लाते रहते हैं मुक्ति चाहिए, और हम उन्हीं बंधनों की पूजा भी करते रहते हैं! Read More »

हृदय रूपी मन्दिर

मनुष्य कभी भी अपने भीतर-“हृदय रूपी मन्दिर” में बैठे हुए ईश्वर को नहीं देख पाता

हृदय रूपी मन्दिर एक बार भगवान दुविधा में पड़ गए! कोई भी मनुष्य जब मुसीबत में पड़ता, तो भगवान के पास भागा-भागा आता और उन्हें अपनी परेशानियां बताता, उनसे कुछ न कुछ मांगने लगता! अंतत: उन्होंने इस समस्या के निराकरण के लिए देवताओं की बैठक बुलाई और बोले- देवताओं, मैं मनुष्य की रचना करके कष्ट …

मनुष्य कभी भी अपने भीतर-“हृदय रूपी मन्दिर” में बैठे हुए ईश्वर को नहीं देख पाता Read More »

कान्हा और महादेव

जहाँ कान्हा और महादेव पहली बार मिले

कान्हा और महादेव जिस समय श्रीकृष्ण का जन्म हो रहा था उस समय महादेव समाधि में थे । जब वह जागृत हुए तब उन्हें ज्ञात हुआ था कि नारायण ब्रज में बाल रूप में प्रकट हुये हैं । मन में लालसा आई बाल-रूप के दर्शन की तो चल पड़े महादेव, बनाया महादेव ने जोगी का …

जहाँ कान्हा और महादेव पहली बार मिले Read More »

मृत्युभोज

मृत्युभोज से ऊर्जा नष्ट होती है

मृत्युभोज महाभारत के अनुशासन पर्व में लिखा है कि …..मृत्युभोज खाने वाले की #ऊर्जा_नष्ट हो जाती है।जिस परिवार में मृत्यु जैसी विपदा आई हो उसके साथ इस संकट की घड़ी में जरूर खडे़ हों और तन, मन, धन से सहयोग करेंलेकिन……बारहवीं या तेरहवीं पर मृतक भोज का पुरजोर बहिष्कार करें।महाभारत का युद्ध होने को था, …

मृत्युभोज से ऊर्जा नष्ट होती है Read More »

पुण्य की राह

“पुण्य की राह”

पुण्य की राह एक बार की बात है एक बहुत ही पुण्य व्यक्ति अपने परिवार सहित तीर्थ के लिए निकला। कई कोस दूर जाने के बाद पूरे परिवार को प्यास लगने लगी। ज्येष्ठ का महीना था आस- पास कहीं पानी नहीं दिखाई पड़ रहा था। उसके बच्चे प्यास से ब्याकुल होने लगे, समझ नहीं आ …

“पुण्य की राह” Read More »