हथियार

हथियार जो पिछले सालों में मोदी सरकार ने खरीदे हैं या जिनके सौदे किए हैं

हथियार

● 36 :- राफेल मल्टीरोल फाइटर : 59,000 करोड़
● 7 :- प्रोजेक्ट-17A क्लास युद्ध-पोत : 50,000 करोड़


● 5 :- एयर डिफेंस SAM S-400 : 39,000 करोड़
● 22 :- अपाचे AH-64 और 15 शिनूक : 3 अरब डॉलर


● पुर्जे और गोला बारूद : 3 अरब डॉलर
● 6 :- अरिहंत क्लास सबमरीन : 23,652 करोड़


● 1 :- अकुला II क्लास न्यूक्लियर अटैक पनडुब्बी : 3.3 अरब डॉलर
● बराक-8 MRSAM एयर डिफेंस : 2 अरब डॉलर


● 73 :- ALH ध्रुव : 14,151 करोड़
● 464 :- मेन बैटल टैंक T-90 MS : 13,448 करोड़


● 7.47 लाख :- AK-203 असॉल्ट राइफल : 12,280 करोड़
● LRSAM बराक-8 : 1.41 अरब डॉलर


● 2 :- ‘आकाश – NG’ SAM रेजिमेंट : 9,100 करोड़
● 2 :- मल्टी यूटिलिटी वेसल ‘HSL’ : 9,000 करोड़

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● 4 :- P-8i ‘Poseidon’ : 1 अरब डॉलर
● ‘NASAMS’ SAM : 1 अरब डॉलर


● 2 :- प्रोजेक्ट ‘11356 युद्धपोत’ : 950 मिलियन डॉलर
● 6 :- ‘अपाचे AH-64’ : 930 मिलियन डॉलर


● 113 :- AL-31FP इंजन, सुखोई के लिए : 7,739 करोड़
● 145 :- हॉवित्जर ‘M777’ : 5,000 करोड़ (हथियार)

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● 66 :- ग्रीन पाइन रडार : 4,577 करोड़
● 100 :- K-9 ‘वज्र’ हॉवित्जर : 4,366 करोड़(हथियार)


● 1 :- ब्रम्होस डिवीजन : 4,300 करोड़
● ‘स्काई कैप्चर’ वायु रक्षा प्रणाली : 550 मिलियन डॉलर (हथियार)
● 2 :- ‘तलवार क्लास’ युद्धपोत : 500 मिलियन डॉलर

● 164 :- ‘Litening-4’ टारगेटिंग पॉड्स**
● 250 :- ‘स्पाइस-2000’ सटीक स्टैंड-ऑफ बम**
● Python 5, I-Derby ER air to air missiles**
(** वाली तीनों डील कुल मिलाकर 3500 करोड़ की है)

● 150 :- ‘ATAGS 155mm हॉवित्जर : 3,364 करोड़
● 13 :- नेवल गन 127mm Mk45 : 470 मिलियन डॉलर
● 2 :- ‘पिनाका MBRL’ रेजिमेंट : 3,000 करोड़ (हथियार)


● 1 :- C-17 ‘ग्लोबमास्टर’ : 366 मिलियन डॉलर
● 10 :- IAI ‘Eitan’ सशस्त्र ड्रोन : 366 मिलियन डॉलर
● 4 :- ‘GSRE क्लास’ सर्वेक्षण पोत : 2,500 करोड़(हथियार)

● 28 :- ‘डोर्नियर Do 228’ : 2,428 करोड़
● 2 :- DSRV सपोर्ट वेसल : 2,050 करोड़
● 2 :- सबमरीन रेस्क्यू ‘DSRV’ : 1,900 करोड़ (हथियार)


● 72,400 :- सिग सायर कॉम्बैट राइफल्स : 1,798 करोड़
● 1 :- महासागर निगरानी जहाज (P-11184) : 1,500 करोड़
● 7 :- L&T क्लास अपतटीय गश्ती पोत : 1,432 करोड़ (हथियार)


● 114 :- धनुष हॉवित्जर : 1,300 करोड़
● NBC वाहन : 1,265 करोड़
● 240 :- KAB-1500 बम : 1254 करोड़ (हथियार)


● 5000 :- मिलन 2T ATGM : 1,200 करोड़
● इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल ICV’s : 1,125 करोड़
● ‘उच्च क्षमता रेडियो रिले’ (HCRR) : 1,092 करोड़


● 5,917 :- बैरेट्टा स्कार्पियो स्नाइपर राइफल 8.36mm : 982 करोड़
● 1,500 :- M95 MS बैरेट .50 BMG एंटी मटेरियल राइफल
● उन्नत टारपीडो डेको सिस्टम (ATDS) : 850 करोड़


● 1.86 लाख :- बुलेट प्रूफ जैकेट : 693 करोड़
● नेवल MRSAM : 93 मिलियन डॉलर
● 1 :- सर्वे ट्रेनिंग वेसल (STV) : 626 करोड़


● 22 :- ‘हार्पून’ मिसाइल : 81 मिलियन डॉलर
● 13 :- NAMICA ‘ATGM’ : 524 करोड़
● 1 :- DRDO प्रौद्योगिकी प्रदर्शन पोत : 365 करोड़


● 300 :- M-46 Towed ‘सारंग’ (45 Cal) अपग्रेड : 200 करोड़
● 1.58 लाख :- बुलेट प्रूफ हेलमेट : 180 करोड़

📌 डीएसी ने 2014 के बाद 4.28 लाख करोड़ से अधिक रक्षा सौदों को मंजूरी दी है.

● 6 :- ‘SSN क्लास’ परमाणु पनडुब्बी : 60,000 करोड़
● 83 :- LCA ‘तेजस’ : 49,797 करोड़
● 6 :- प्रोजेक्ट 75-I क्लास सबमरीन : 40,000 करोड़


● 938 :- एयर डिफेंस गन : 5 अरब डॉलर
● 4 :- लैंडिंग हेलीकाप्टर डॉक : 25,000 करोड़
● 111 :- नेवल यूटिलिटी हेलीकाप्टर : 21,738 करोड़


● 200 :- कामोव ‘Ka 226-T’ : 20,000 करोड़
● 104 :- K-30 Bhio वायु रक्षा प्रणाली : 2.66 अरब डॉलर
● 814 :- सेल्फ प्रोपेल्ड ट्रक माउंटेड हॉवित्जर : 2.5 अरब डॉलर


● 6 :- ‘पिनाका MBRL’ रेजिमेंट : 14,633 करोड़
● 22 :- ‘प्रिडिएटर – B’ ड्रोन : 2 अरब डॉलर
● 6 :- अगली पीढ़ी की मिसाइल पोत : 13,500 करोड़


● 24 :- मल्टीरोल नेवल एएसडब्ल्यू हेलीकाप्टर : 1.8 अरब डॉलर
● 16 :- ASW Shallow Water Crafts : 12,000 करोड़
● 244 :- एयर डिफेंस गन : 1.5 अरब डॉलर


● 1,276 :- VSHORADS एयर डिफेंस : 1.5 अरब डॉलर
● 3 :- ‘S-5 क्लास’ SSBN परमाणु पनडुब्बी : 10,000 करोड़
● 118 :- अर्जुन मार्क-II MBT : 6,600 करोड़


● 2 :- AWACS ‘EL/W-2090’ : 800 मिलियन डॉलर
● 6 :- अपतटीय पोत NGOPVs : 4,941 करोड़
● 3.5 लाख :- कार्बाइन : 4,607 करोड़


● 41,000 :- लाइट मशीनगन ‘LMG’ : 3,000 करोड़
● युद्धपोतों के लिए ब्रह्मोस : 3,000 करोड़
● 15 :- हल्के लड़ाकू हेलीकाप्टर (LCH) : 2,911 करोड़


● 3 :- ABG-क्लास कैडेट प्रशिक्षण शिप : 2,700 करोड़
● 1000 :- इंजन, T-72 MBT के लिए : 2,300 करोड़
● 150 :- बख्तरबंद लड़ाकू वाहन : 2,200 करोड़


● 100 :- टारपीडो : 2000 करोड़
● 93,895 :- CQB कार्बाइन : 553.33 मिलियन डॉलर

📌 डीएसी ने 2014 के बाद 4.18 लाख करोड़ से अधिक रक्षा सौदों को प्राथमिक मंजूरी दी है.

● 110 :- मल्टीरोल फाइटर : 1,25,000 करोड़
● 57 :- नेवल फाइटर : 95,000 करोड़
● 2610 :- भविष्य की इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल (FICV) : 7.5 अरब डॉलर
● 1770 :- फ्यूचर रेडी कॉम्बैट व्हीकल (FRCV) : 5.5 अरब डॉलर
● 12 :- फ्यूचर इंडियन माइनहंटर क्लास : 32,000 करोड़
● 5 :- रेथियॉन ISTAR ‘सेंटिनल’ : 3 अरब डॉलर
● 4 :- मल्टी-रोल सपोर्ट वेसल : 16,000 करोड़
● 56 :- एयरबस C295 परिवहन जहाज : 1.87 अरब डॉलर
● 5 :- फ्लीट सपोर्टिंग शिप : 9,500 करोड़
● 21 :- मिग – 29KUB : 6,000 करोड़
● 18 :- सुखोई – 30MKI : 5,850 करोड़
● 50 :- IAI ‘Heron’ : 500 मिलियन डॉलर
● 54 :- ‘हारोप’ ड्रोन

और इस तरह मोदी सरकार ने 30 साल का हथियारों का सूखा खत्म किया।

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